विश्व फोटोग्राफी विशेष
तस्वीरें सिर्फ़ कागज़ पर छपी छवियाँ नहीं होतीं, ये वे धड़कनें हैं जो वक्त की पकड़ से बचकर हमेशा जीवित रहती हैं। जिस तरह आईना चेहरा दिखाता है, उसी तरह तस्वीर आत्मा को उजागर करती है।
हर फोटो अपने भीतर एक कहानी समेटे होती है किसी मासूम हँसी की, किसी टूटी ख्वाहिश की, किसी जंग जीते योद्धा की, या किसी अनकही मोहब्बत की। कैमरे का क्लिक उस पल को अमरत्व दे देता है, जिसे वक्त कभी छीन नहीं सकता।
यह इतिहास को संरक्षित करती है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ सच से रूबरू हो सकें।
यह समाज का आईना है, जहाँ सुख-दुख, अन्याय-संघर्ष और उम्मीद सब झलकते हैं।
यह उन भावनाओं को आवाज़ देती है, जिन्हें शब्द भी अक्सर कहने में असमर्थ होते हैं।
आज मोबाइल की स्क्रीन पर अनगिनत तस्वीरें खिंचती हैं, पर सच्ची फोटोग्राफी वह है, जहाँ नज़रिए का जादू हो, संवेदनाओं की गहराई हो और उस क्षण की आत्मा को पकड़ने की कला हो।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि तस्वीरें केवल दृश्य नहीं, बल्कि सभ्यता और संस्कृति की धरोहर हैं। वे हमें जोड़ती हैं, हमें संवेदनशील बनाती हैं और हमें यह अहसास कराती हैं कि पल भले ही बीत जाए, पर तस्वीरें उसे हमेशा के लिए ज़िन्दा रखती हैं।
क्योंकि सच यही है
फोटो सिर्फ़ तस्वीर नहीं, ज़िन्दगी का आईना है।
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