Friday ,24th May 2024

जालसाज पटवारी और सेल्समैन का मायाजाल ?

शासकीय भूमि के हरसाल मालिक बदले !! कर दिया करोड़ों का खेल मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचल में बैठे नटवरलालों से !! जालसाजों ने योजनाबद्ध ढंग से शासकीय भूमि को हर वर्ष अलग-अलग लोगों के नाम कर बैंक से करोड़ों रुपये का लिया ऋण !! विजय डोंगरे विशेष संवाददाता : सर्च स्टोरी भोपाल - फिर कृषि सहकारी समिति में फर्जी किसानों का पंजीयन कर किसानों की उपज स्वयं की बताकर करोड़ों रुपए का किया घोटाला !! मिलिए मध्यप्रदेश के पटवारी रवि वान्या और कृषि सहकारी समिति बीलाखेडा के सेल्समैन दिनेश यादव एण्ड कंपनी से मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले का मामला बैंक और शासन को शासकीय भूमि के दस्तावेजों में भूमि स्वामी/पट्टेदार बताकर जालसाजों ने करोड़ों - अरबों रुपए का लगाया चूना !! सर्च स्टोरी Exclusive शासकीय भूमि के फर्जीवाड़े में करोड़ों के वारे-न्यारे करने के खेल में शामिल मुख्य कलाकारों में पटवारी, स्थानीय भूमाफिया भाजपा का छुटभैया नेता समेत उसके परिजन, सहकारी समिति के अध्यक्ष - सचिव - सेल्समैन और बैंक अधिकारियों ने मिलकर किया करोड़ों - अरबों रुपए का खेल !! जिला प्रशासन से शिकायत पश्चात अभीतक सिर्फ पटवारी निलंबित !! लेकिन पटवारी हल्का मेंं ही पदस्थ रखा गया ? शासकीय भूमि के पट्टे जारी करने और फिर बही/खसरा/खतौनी पर राजस्व अधिकारियों के हस्ताक्षर - सील सहित होने से बड़े अधिकारियों के खेल में शामिल होने की संभावना !! भोपाल/अशोकनगर अभी तक इस मामले में प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूरी आपराधिक साजिश में लिप्त शासकीय सेवकों की भूमिका, अपराध में इनकी संलिप्तता, अपराध में सहयोग, दस्तावेजों के हेर-फेर,कूटरचित दस्तावेजों के निर्माण में भूमिका, रिपोर्ट सत्यापन में सहयोग, शासन एवं बैंक को गलत/मिथ्या/अपुष्ट/ भ्रामक जानकारी देकर धोखाधड़ी करने, किसानों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने, गलत मनमाने पंजीयन सहकारी समिति में करने, अपने परिवार जनों को शामिल कर आपराधिक साजिश कर आर्थिक गतिविधियां संचालित कर विभाग को वित्तीय हानि पहुंचाने, शासकीय भूमि का फर्जी तरीके से अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने, गरीब किसानों की जमीनों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग बैंकिंग संस्थानों से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने संबंधी सभी कारगुज़ारियों में शामिल सभी अपराधियों की व्यापक जांच पड़ताल के साथ पुलिस विभाग सहित एसडीएम, कलेक्टर, खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग के अलावा कृषि विभाग एवं बैंकिंग संस्थानों के आलाधिकारियों को भी की गई सभी शिकायतों, शिकायतकत्र्ताओं के बयानों को भी इस व्यापक आर्थिक अपराध की जांच में शामिल किया जाना चाहिए !! शिकायतकर्ता का कहना है गजराम यादव : मैंने लिखित में ग्राम बिलाखेडा की शासकीय भूमि को स्थानीय सोसायटी के पदाधिकारियों द्वारा पटवारी से मिलकर पट्टे पर देने और फिर करोड़ों रुपए के केसीसी ऋण विभिन्न बैंकों से लेने फिर कृषि सहकारी समिति में इनके द्वारा फर्जी पंजीयन कराकर धोखाधड़ी किये जाने की शिकायत कलेक्टर साहब से की है।अभी तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। विजय पाल यादव :- ग्रामीण बीलाखेडा :- मुझे पटवारी रवि वानिया ने 16 - 17 बीघा जमीन 10,000 रूपए बीघा के हिसाब से पट्टे पर देने के लिए 1,57,000 हजार रूपए ( एक लाख सत्तावन हजार) लेकर बही,खसरा, खतौनी की कापी दी है और आनलाइन रिकॉर्ड दिखाकर चेक कराया था। लेकिन बाद में रिकॉर्ड में जमीन शासकीय दिखाई देने पर मैंने रूपए वापस मांगे। लेकिन पटवारी रवि ना तो रूपए लौटा रहा है और ना ही मेरा फोन उठा रहा है। थककर मैंने पुलिस में शिकायत की है। कौन-कौन से विभाग शामिल !! शासकीय भूमि को खुर्द बुर्द करने में राजस्व अधिकारियों की भूमिका ? बैंक से केसीसी ऋण लेने के मामले में सभी बैंकिंग संस्थान ? सहकारी समिति में फर्जी पंजीयन कराने के मामले में खाद्य विभाग एवं सहकारिता विभाग ? अतः राजस्व, सहकारिता, खाद्य, पुलिस, आयकर,सीबीआई , आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, लोकायुक्त सहित पुलिस विभाग को कार्रवाई करना चाहिए !! जिम्मेदार अफसरों के जवाब अभय वर्मा : कलेक्टर अशोकनगर :- काफी गंभीर मामला है। मामला मेरे संज्ञान में है। इस मामले की जांच करने संबंधित एसडीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं। शिकायत मिलने पर आरोपी पटवारी को निलंबित कर दिया गया है उसकी भूमिका की विस्तृत समीक्षा के आदेश जारी किए हैं। साथ ही साथ विभागीय जांच भी की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई जारी है वहीं सोसायटी की जांच के संबंध में खाद्य विभाग से जांच करवाकर रिपोर्ट मुख्यालय खाद्य विभाग को दे दी गई है। राहुल गुप्ता : एसडीएम मुंगावली शासकीय भूमि के मनमाने पट्टे जारी करने संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है। मेरे द्वारा विभागीय जांच जारी है। अभी इससे ज्यादा कुछ भी नहीं बता सकता। पीएल राय : प्रभारी सहायक संचालक, खाद्य विभाग एवं जांच अधिकारी भोपाल :- मेरे द्वारा इस प्रकरण की जांच की गई है। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारीयों को सौंप दी है। व्यापक भ्रष्टाचार एवं आर्थिक गतिविधियां संचालित की गई है। आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारीयों के द्वारा निर्णय लिया जाएगा !! इन बैंकों ने किया फर्जीवाड़ा मध्यांचल ग्रामीण बैंक शाखा अथाइखेडा आईसीआईसीआई बैंक शाखा अशोकनगर आईसीआईसीआई बैंक शाखा बीना एक्सिस बैंक शाखा अशोकनगर एक्सिस बैंक शाखा बीना एचडीएफसी बैंक शाखा अशोकनगर अभी तक बैंक अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जानकारी साझा नहीं की है। ? साथ ही अपने बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने, भूमि दस्तावेजों की जांच करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता पैनल के नाम भी नहीं बताएं गये ? फर्जी किसानों को ऋण कैसे स्वीकृत किया गया ? इसका जवाब नहीं मिला ? किसानों के द्वारा बैंक को दिए गए दस्तावेजों में एक ही परिवार के लोगों की सैकड़ों एकड़ भूमि अलग अलग नामों से होने पर जांच क्यों नहीं की गई ? अब तक इन सभी को कितने रूपए केसीसी ऋण के नाम पर बांटे गए ? बैंक के कौन - कौन अधिकारी - कर्मचारी इस बंदरबांट में शामिल हैं ? इन सबकी जांच बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी ही ठीक से विवेचना कर सकते हैं ? बैंक के सालाना आडिट रिपोर्ट में यह गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आई ? वित्तीय वर्ष 2016 से भी यदि फर्जीवाड़ा शुरू हुआ माना जाए तो वर्षवार आज पांच सालों में इन सभी बैंकों में ग्राम बीलाखेडा, मढ़ी बुजुर्ग एवं ग्राम चमराई के ही कितने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए और सभी को कितना रूपया बांट दिया गया। इन सभी केसीसी ऋण खातों से बैंक को कितने रूपए वापस प्राप्त हुए !! दिनेश यादव : सेल्समैन बीलाखेडा :- हमारे नाम पर कोई जमीन पट्टे पर नहीं है। आप ग़लत खबर लिख रहे हो। रवि वानिया : पटवारी बीलाखेडा मैं अभी निलंबित हूं। मेरी जांच चल रही है। इससेे ज्यादा कुछ नहीं कहना। क्या कार्रवाई होना चाहिए !! इस अतिगंभीर मामले की शिकायत विभिन्न स्तरों पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा की गई लेकिन इनके रसूख के आगे जांच पड़ताल आगे नहीं बढ़ पाई !! इस मामले के गोरखधंधे और जालसाजी में लिप्त गिरोह के सभी किरदारों पर शासकीय भूमि के हेर-फेर करने, बैंक से करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने, सहकारी समिति में फर्जी पंजीयन कर करोड़ों रुपए की शासन को हानि पहुंचाने और धोखाधड़ी,गबन, भ्रष्टाचार,पद के दुरूपयोग करने वाले सभी कलाकारों को तत्काल पद से हटाकर सभी के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज कर प्रकरण की जांच पुलिस, आयकर, सीबीआई, सहकारिता विभाग, जिला कलेक्टर को प्रथक प्रथक अथवा संयुक्त जांच दल बनाकर विभिन्न विभागीय अधिनियमों सहित जालसाजी और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच किया जाना चाहिए !! आयकर विभाग को सभी आरोपीयों के बैंक खाते सीज कर समस्त चल - अचल संपत्ति जब्त कर कार्रवाई शुरू करना होगा !! इसके अलावा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं लोकायुक्त पुलिस को भी प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए !! ---------------------------------- अतिशीघ्र पूरे मामले का करेंगे खुलासा !! हर चेहरे होंगे बेनकाब !! मध्यप्रदेश के सबसे बड़े जालसाजों का करेंगे पर्दाफाश !! सबूतों के साथ !! पढ़ते रहिए : सर्च स्टोरी

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