Tuesday ,21st May 2024

बेरोजगारों को सरकार का एक औऱ लॉलीपॉप स्टार्टअप गरीब से कोसो दूर?

झोला छाप ख़बरी बेरोजगारों को सरकार का एक औऱ लॉलीपॉप स्टार्टअप गरीब से कोसो दूर? केंद्र सरकार हो मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार लगातार बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान करने स्वरोजगार की बात करती है । मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हो या मुद्रा लोन योजना लेक़िन सरकार के सरकारी आंकड़े सब नम्बर वन होते है । ज़मीनी आंकड़ों की बात करे तो मुद्रा लोन मात्र 5 प्रतिशत गरीब परिवारों को मिला इसी तरह मध्यप्रदेश में ये आंकड़ा मुख्यमंत्री स्वरोजगार का भी है । क्योकि बैंक लोन नही देते ब्रंच मैनेजर से लेकर फयनेश अधिकारी तक कमीशन का खेल खेलते है ? अब सरकार ने युवाओं को एक औऱ लॉलीपॉप दिया है स्टार्टअप का लेक़िन इस योजना में हिस्सा लेने अगर कोई गरीब सोचे तो उसके लिए उसके पास पहले लाखो रुपये होना जरूरी है ? क्योकि आपको एक कंपनी बनानी है । और भी बहौत कुछ अब ऐसे में युवा का खुद का रोजगार सुरु करने का सपना कोसो दूर है ? या फिर ये भी आप कह सकते है कि आप गरीब हो गरीब ही रहो । ये सभी योजना सिर्फ धन्ना सेठो औऱ कमीशन खोर अधिकारियों की पीढ़ी के लिए है ? वैसे तो योजना के बारे में कुछ बाते ये है जो खुद इस योजना की हक़ीक़त बय कर देगी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आर्थिक विकास के इंजन के रूप में और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते है। एमएसएमई को मजबूत करने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) विभाग का गठन 5 अप्रैल, 2016 को किया गया था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गठन का लक्ष्य एमएसएमई के लिए ऐसी नीतियां बनाना है, जो कि उन्हें विकसित करने के साथ साथ सक्षम भी बनाए । सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की मदद से एमएसएमई मध्य प्रदेश में सामाजिक-आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने का कार्य करते है। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामान्य ग्रामीण लोगों और विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करता है। विभाग एमएसएमई को ऋण, प्रौद्योगिकी तथा स्थानीय एवं वैश्विक बाजार तक की पहुँच प्रदान करता है। एमएसएमई को न्यूनतम साझा सुविधा प्रदान करने के लिए विभाग क्लस्टरो का विकास भी करता है। स्व-रोजगार योजनाओं के माध्यम से विभाग युवाओं को प्रोत्साहित करता हैं, ताकि वह अपने गृह शहर/गांव में अपने उद्यम स्थापित कर सके। इतना ही नही आप जब एमपीएमएसेमी की बेवसाइट खोलेंगे औऱ उसपर देखेगे तो आप खुद ही इस योजना का लाभ लेने औऱ स्टार्टअप योजना की वहाँ वही भूल कार दोबारा अपने काम को गति देने में लग जायगे ? क्योकि यही है युवाओं के सपनो का भारत और स्टार्टअप इंडिया और स्टार्टअप मध्यप्रदेश ?

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